प्रतिलिपि

यह प्रस्तुति 23 मार्च, 2020 के फेसबुक लाइव वीडियो का हिस्सा है।

डॉ. मेरी स्ट्रीगल: तो आज का विषय है कोरोना वायरस संबंधित ज़रूरी बातें और हम सांस्कृतिक संसाधनों को कीटाणुरहित करने के बारे में बात करने जा रहे हैं।

मैं, डॉ. मेरी स्ट्रीगल लगभग २५ वर्षों से अमेरिका के राष्ट्रीय संरक्षण प्रौद्योगिकी और प्रशिक्षण केंद्र के साथ एक संरक्षण वैज्ञानिक हूँ। मैं आज आपसे ऐतिहासिक वस्तुओ को अलग रखने, साफ या कीटाणुरहित करने के बारे में बात करूंगी। आज हम जो चर्चा करने जा रहे हैं वह सर्वोत्तम उपलब्ध वर्तमान ज्ञान पर आधारित है, लेकिन जैसा कि आप जानते हैं कि कोरोनावायरस की स्थिति तेजी से बदल और विकसित हो रही है। इसलिए, जो जानकारी मैं अभी आपकोप्रदान कर रही हूं, वह जानकारी समय के साथ बदल सकती है। यदि हमारे पास नवीनतम जानकारी उपलब्ध होगी, तो मैं इसे फेसबुक पर पोस्ट करूंगी और आगे क्या कदम उठाये जा सकते है इस विषय में चर्चा करेंगे।

आज मैं आपके लिए पांच सवालों के जवाब देने जा रही हूँ।

१.  पहला सवाल है, कोरोना वायरस क्या है ?
२.  दूसरा, यह सतहों पर कब तक जीवित रहता है ?
३.  तीसरा, हम वायरस को कैसे निष्क्रिय या नष्ट कर सकते हैं?
४.  चौथा, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक वस्तुओ को कैसे सुरक्षित रखते हैं ?
५.  और पांचवां, हमें कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए?

इस प्रसारण को अभिलिखित (रिकॉर्ड) और प्रतिलिखित किया जाएगा। यह हमारी वेबसाइट पर भी उपलब्ध किया जाएगा।

कोविद -१९ वायरस क्या है?

 के सतहों पर बने रहने की अवधि

के सतहों पर बने रहने की अवधि

ये एक कोरोनावायरस है। यह सूक्ष्मदर्शक यंत्र या माइक्रोस्कोप के भीतर दिखने वाले आकार के कारण नामांकित किया गया हैं। वायरस एक कोरोना या मुकुट की तरह दीखता हैं, जैसे चारों ओर नोकीली संरचनाओं से ढका हों। इस विशेष कोरोनावायरस पर बहुत अधिक जानकारी नहीं है, लेकिन इसी तरह के समान वायरस पर जानकारी है जो हमें इसे समझने में मदद कर सकती है।

सभी वायरस आनुवंशिक कोड या आरएनए (RNA) से बने होते हैं जो लिपिड और प्रोटीन के अंदर बंधे होते हैं। जिसके बाहर एक वसा-आधारित खोल होता है, जिसे वायरल लिफाफे के रूप में जाना जाता है।यह वसा से भरा लिफाफा कोरोनावायरस को साबुन के प्रति संवेदनशील कर देता है। जब हम सतहों

को और अपने हाथों को साबुन से धोते हैं, यह वसा धुल जाती है और इससे वायरस का नाश हो जाता है। इसलिए हम भाग्यशाली हैं कि कोरोनावायरस में एक वसा का लिफ़ाफ़ा होता है, वायरल लिफ़ाफ़ा । नोरोवायरस, जैसे कुछ वायरस में एक अलग तरह का लिफ़ाफ़ा होता है और उसे कीटाणुरहित करना बहुत ही मुश्किल होता है।

कोविद -१९, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक संपर्क द्वारा फैलता है। खांसने पर एरोसोल, जिसमे वायरस होता है, वह हवा में फैल जाता है । यह वायरस शरीर एवं सतहों पर लग जाता है। इसलिए यह अनुशंसा की जाती है कि हम एक दूसरे से कम से कम छह फीट दूर खड़े रहे और सतह एवं चेहरे को ना छुए । अगर एक बार हमारे हाथों पर वायरस आ गया और हम सभी अपना चेहरा छूते हैं,

मैं अपने चेहरे को एक घंटे में २० बार छूती हूं, फिर, वायरस हमारे मुख, हमारी आंखों, हमारी त्वचा पर फैल जायेगा और इससे हमारे संक्रमित होने की संभावना बढ़ जाती है।

दूसरा सवाल है, कि यह सतहों पर कब तक जीवित रहता है?

कोविद -१९ वायरस विभिन्न प्रकार की वस्तुओं पर अलग-अलग समय तक रह सकता है। बहुत सारी जानकारी है जो फेसबुक और समाचार स्रोतों में बताई जा रही है और वह एक उत्कृष्ट लेख पर आधारित है जो मार्च २०२० में जर्नल ऑफ़ हॉस्पिटल इन्फेक्शन में प्रकाशित हुई थी। यह जानकारी

के सबसे अच्छे स्रोतों में से एक है।

मैं आपको एक सूची दिखाने जा रही हूं जिसमे वायरस के सतहों पर जीवित रहने की अवधि दिखाई देगी। जीवित कहना सही नहीं है, लेकिन वह सतह पर बना रहता है। जीने के लिए वायरस को एक कोशिका या सेल (cell) को संक्रमित करना पड़ता है। वायरस एक कोशिका में जाता है, यह कोशिका को संक्रमित करता है, यह कोशिका में प्रजनन करता है, और फिर यह कोशिका को मारता है और खुद वापस बाहर आ जाता है। अब, मैं आपको विभिन्न सतहों पर कोरोनावायरस के बने रहने की एक सूची दिखाने वाली हूं।

तो धातुओं पर इसकी अवधि लगभग पांच दिन है, लकड़ी पर चार दिन, काग़ज़ पर चार से पांच दिन हो सकती है। कांच पर चार से पांच दिन हो सकती है। जिन प्लास्टिक की थैलियों को आप उपयोग करते हैं, वे पॉलीप्रोपाइलीन से बनी होती हैं, वायरस असल में वहां पर छह से नौ दिनों तक रह सकता है । चीनी मिट्टी पर पाँच दिन की अवधि हो सकती हैं। इस चर्चा के लिए हम चीनी मिट्टी की चीजों और ईंटों को एक साथ वर्गीकृत कर रहे हैं क्योंकि ईंट का असल में परीक्षण नहीं किया गया है, लेकिन चीनी मिट्टी का परीक्षण कर के देखा गया है। आखिर में, पत्थर है। एक ऑनलाइन स्रोत उपलब्ध है जो कहता है कि यहाँ दो से बारह दिनों तक रह सकता है, लेकिन इस जानकारी को साबित करने के लिए कोई

प्रकाशित लेख नहीं है। इसीलिए उसपर दोहरा तारांकन चिह्न है।

सामान्य तौर पर, हम सतहों पर जिस लंबी अवधि को देख रहे हैं वह छह से नौ दिनों की है।

अब न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ़ मेडिसिन के पत्राचार में एक लेख प्रकाशित किया गया है और यह लेख कुछ सतहों के लिए कम अवधि के बारे में बताता है। उदाहरण के लिए, तांबे पर चार घंटे कहा गया है, स्टेनलेस स्टील पर दो दिन, और अन्य सतहों पर तीन दिन। न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ़ मेडिसिन लेख और जर्नल ऑफ़ हॉस्पिटल इन्फेक्शन में प्रकाशित लेख के बीच अंतर यह है पहला एक संचार है व पूरी तरह से समीक्षा प्रक्रिया से नहीं गुजरा है। तो सावधानी के लिए, मेरा सुझाव यह है कि आप वस्तुओ को छह से नौ दिनों के लिए अलग रख दें।

हम वायरस को कैसे निष्क्रिय या नष्ट कर सकते हैं?

जर्नल ऑफ़ हॉस्पिटल इन्फेक्शन के उसी लेख में विभिन्न प्रकार के कीटाणुनाशकों, उनकी एकाग्रता और सतह पर वायरस को नष्ट करने के समय के बारे में बताया है। मैं आपको उनमें से जो हमारी चर्चा के लिए महत्वपूर्ण है वे दिखाने जा रही हूं ।

सूची २: कीटाणुनाशक और सफाई के घोल

सूची २: कीटाणुनाशक और सफाई के घोल

तो आइए इसे देखते हैं।

यहाँ हम देखते हैं कि इथेनॉल ९५% की ताकत और ७०% की ताकत पर हैं । हम २ -प्रोपेनॉल के बारे में बात कर सकते हैं, जो अक्सर आपके हार्डवेयर स्टोर या आपकी दवाई की दुकान में मिलने वाला रबिंग अल्कोहल है। यह हम ९५% एकाग्रता और ७०% एकाग्रता पर देख सकते हैं। उसके बाद ब्लीच है,

ब्लीच जो आपको दुकानों में मिलता है आमतौर पर लगभग १० % एकाग्रता में आता है, इस ब्लीच का पतला घोल बनाना हैं। और उसके बाद है हाइड्रोजन पेरोक्साइड। आप हाइड्रोजन पेरोक्साइड का उपयोग कर सकते हैं, इससे वायरस को मारने या निष्क्रिय करने में लगभग एक मिनट लगता है जबकि रबिंग अल्कोहल और अन्य समाधान बहुत कम समय लगाते है।

इन सामग्रियों के साथ, हम देख सकते हैं कि विभिन्न सतहों को अलग-अलग अवधि और अलग-अलग कीटाणुनाशक की आवश्यकता हैं ।

सीडीसी जो अमेरिका सरकार का रोग नियंत्रण और निवारण केंद्र हैं उन्होंने कुछ सुझाव दिए हैं जो घरों के लिए उपयोगी हैं। वे कहते हैं कि, अगर कोई सतह गंदी है तो आपको इसे कीटाणुनाशक से पहले कोमल साबुन और पानी से साफ करना चाहिए।

घरेलू उपयोग

सूची ३ : घरेलू उपयोग के लिए सी.डी.सी. के सुझाव

फिर आपको घरेलू ब्लीच का घोल, ७०% एकाग्रता का अल्कोहॉल घोल या सरकार द्वारा पंजीकृत घरेलू कीटाणुनाशकों का उपयोग करना चाहिए। तो यह है घरेलू उपयोग के लिए सीडीसी के सुझाव। ७०% इथेनॉल, ७०% रबिंग अल्कोहल (२ -प्रोपेनॉल), या ०.२ % ब्लीच के घोल का उपयोग किया जासकता है।

इस प्रकार हमने विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O.)और सीडीसी (C.D.C.)के सुझावों के बारे में बातें करी, लेकिन यह सुझाव हमेशा ऐतिहासिक वस्तुओ पर लागू नहीं होते है।

ऐसा क्यों? हम संरक्षणकर्ता और संरक्षण वैज्ञानिक जानते हैं कि हमें ऐतिहासिक वस्तुओ को कोई नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। हम सांस्कृतिक विरासत के उत्तरदायी हैं और हम चाहते हैं कि वे आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रहें। इसमें आपकी दादी के गहने, पोशाक, पारिवारिक ग्रंथ, घर की ऐतिहासिक वस्तुए जैसे की मेज़, कुर्सी या यहाँ तक कि वसीयत के दस्तावेज़ भी शामिल है, जिसका आपको परीक्षण करना है। सही कार्य करना हम पर निर्भर करता है।

तो सबसे पहले, अलग रखने और कीटाणुशोधन के बीच में चुनना है।

हम हर चीज को ठीक करना चाहते हैं, मैं आपके बारे में नहीं जानती लेकिन मैं हमेशा चीजों को ठीक करना चाहती हूं। कभी-कभी हम जल्दी में कार्रवाई करते हैं लेकिन आपातकालीन स्थिति में, रुक कर स्थिति का आकलन करना बेहतर होता है। अंग्रेजी में इसे ट्राइएज (Triage) कहा जाता है। तो ऐसी कौन सी चीज़ें हैं जो हमें पहले करने की ज़रूरत है?

यदि संभव हो तो, कुछ समय के लिए ऐतिहासिक वस्तुओ को अलग रखें । इसका मतलब है कि संग्रहालय बंद रखना, वस्तुओं को अलग-अलग रखना, नौ दिनों के लिए इमारत को बंद रखना। तो आप पूछेंगे,” ऐसा, क्यों?”

ऐसा इसलिए है क्योंकि ऐतिहासिक वस्तु कुछ सफाई के घोलो से नष्ट हो सकती है। यदि आप सफाई करना चाहते है, यदि आप इमारत खुली रखना चाहते है, यदि आप वस्तुओं का उपयोग करना चाहते है, तो आपको समझदारी से चुनना होगा।

तो आइए अलग रखने के बारे में बात करते हैं।

संग्रहालय वस्तुओं और संग्रहों के लिए अलग रखना एक पसंदीदा तरीका है। यह चीजों को कम से कम नुकसान पहुंचाएगा और उचित समय के बाद लोगों के इस्तेमाल के लिए सुरक्षित होगा । अध्ययन के आधार पर हम न्यूनतम नौ दिनों के लिए इमारत, निर्माण-स्थान या संग्रह को बंद रखने की सलाह देते हैं। कुछ लोग तीन दिन कहेंगे, लेकिन हम सोचते हैं कि सावधानी में ही समझदारी है।

वस्तुओं को भी अलग रख सकते है। आप चैन वाली प्लास्टिक की थैली (Ziplock) जैसे २५० ग्राम,

आधा किलो, एक किलो, दो किलो आदि की क्षमता वाली थैली का उपयोग कर सकते हैं। आप अपनी छोटी वस्तुओ को एक चैन वाली प्लास्टिक की थैली (Ziplock) में रख सकते हैं, उस पर दूसरी थैली भी लगा सकते हैं। फिर वस्तुओ को जानकारी मुताबिक लेबल या अंकित कर सकते हैं, जिस तारीख को आपने इसे रखा है, और आपने इसे अलग क्यों रखा है। क्या कोई पर्यटक केंद्र, संग्रहालय या अदालत में आया है जो बीमार हो सकता है? और वस्तुओं को छू सकता है?  वायरस नौ दिनों तक प्लास्टिक की थैलियों पर रह सकता है, इस करण वस्तुओं को उतने लंबे समय तक अलग रखा जाना चाहिए।

सफाई और कीटाणुशोधन का इस्तेमाल कब करना चाहिए?

यदि अलग रखना बिल्कुल विकल्प नहीं है, तो फिर से आपको सावधानी से आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

संग्रहालय की वस्तुओं पर प्रभाव जाने बिना पूरे संग्रह, या पूरे संग्रहालय पर बड़े पैमाने पर कीटाणुनाशक का इस्तेमाल न करें। उदाहरण के लिए, अमोनियम यौगिक (quaternary ammonium compound)

पर आधारित जैव रासायनिक घोल(Biocidal Solution) के कोहरे का उपयोग किया जा सकता है। यह संग्रहालय की वस्तुओं के लिए सही समाधान नहीं है। कई चीजें जैव रासायनिक समाधान(Biocidal Solution) के साथ प्रतिक्रिया कर सकती है। और आप नहीं जानते हैं कि कोहरे से कितना रसायन वस्तुओ पर लग जायेगा, इसलिए इसे ना आज़माएँ।

दूसरी बात ये, इन सतहों पर ब्लीच का उपयोग न करें। कई सांस्कृतिक वस्तुए ब्लीच के प्रति होती हैं। ब्लीच एक सोडियम हाइपोक्लोराइट (Sodium Hypochlorite) है, यह ऑक्सीडाइज़ हो कर एक सोडियम युक्त नमक (Sodium Salt) बनाता है। छिद्रयुक्त पदार्थ जैसे पत्थर, ईंट और चीनी मिट्टी सभी ब्लीच से खराब हो सकते हैं। ब्लीच का लकड़ी की नाजुक सतह पर लम्बे समय के लिए प्रभाव रहता है।

यदि हम साफ और कीटाणुरहित करने जा रहे हैं तो हमें रंगीन सतहों, दरवाजों के हैंडल और हाथ की रेलिंग से शुरू करना चाहिए। आपको ध्यान देना चाहिए कि क्या वे धातु या लकड़ी के हैं और यदि उसपर कोई नाज़ुक सतह है।

आप एक सौम्य या कोमल साबुन के साथ पानी का घोल बना ले। साबुन का एक ध्रुवीय छोर और एक गैर-ध्रुवीय छोर होता है। और इसलिए यह चीजों को घोल में खींचता है। जिस कोमल साबुन की हम सलाह देंगे, वह आइवरी लिक्विड सोप या ऑरवस जैसा कुछ होगा, मैं सभी बर्तन धोने वाले साबुन की सलाह नहीं दूँगी क्योंकि बर्तन धोने वाले साबुन में अन्य चीज़ें होती हैं जो एक परत छोड़ सकती हैं। मुझे नहीं पता कि आपने कभी अपने कांच के बर्तनों को साबुन से धोया है? मैंने किया है और उस परत को निकलना काफी मुश्किल होता है। और आप नहीं चाहेंगे कि कोई भी परत आपके किसी भी सामान पर रहे।

घोल तैयार करने के बाद आप इसे स्प्रे बोतल में डाल दें। आप एक कागज का नैपकिन ले, इस घोल से कागज के नैपकिन को गीला करें और फिर सतह या रेलिंग को साफ करें।

पहले हमने उन कीटाणुनाशक समाधानों को देखा, तो हमने सीखा कि इसमें थोड़ा समय लगेगा। तो आप इसे साफ करें, कुछ मिनट बाद दोबारा वापस उसे साफ करें। एक बार सतह साफ करने के बाद आपको उस कागज के नैपकिन को फ़ेंक देना होगा। इसी कारण आपको सूती कपड़े या अन्य कपड़ों का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि आपको उस नैपकिन को इस्तेमाल करने के बाद फेंकना पड़ेगा।

आप सफाई करते वक़्त पानी का कम से कम इस्तेमाल करें, क्योंकि ये आपके ऐतिहासिक सामानों को खराब कर सकता हैं – जैसे वॉलपेपर या रंगीन दीवार। सभी सतहों को साफ करने के बाद, आप उस कागज के नैपकिन को फेंक दें।

हम ईंट की सतहों को चीनी मिट्टी की तरह मान रहे हैं और उन्हें साबुन और पानी से साफ किया जा सकता है और फिर आइसोप्रोपिल अल्कोहल या ७०% एकाग्रता के रबिंगअल्कोहल के साथ कीटाणुरहित किया जा सकता है।

रबिंग अल्कोहल का उपयोग कुछ सतहों जैसे संगमरमर, चूना पत्थर या टेराज़ो की मेज या फर्श पर किया जा सकता है और सरकारी इमारतों में इसका अच्छा उपयोग हो सकता है।

लकड़ी पर रबिंग ऐल्कहॉल का उपयोग ना करें क्योंकि यह सतह को नुकसान पहुंचा सकती है।

सूची ४: संरक्षण के लिए

सूची ४: संरक्षण के लिए

सतह की कारीगरी पर ध्यान दें और यदि आपके कोई प्रश्न हैं, तो आप हमे संपर्क कर सकते हैं या अमेरिकी संरक्षण संस्थान की वेबसाइट के माध्यम से एक संरक्षक या संरक्षण वैज्ञानिक को ढूंढ सकते हैं। और वह है culturalheritage.org.

अब मैं यू.वी.रोशनी के बारे में थोड़ी बाते करना चहूंगी। यह अल्ट्रा वायलेट रोशनी है। हालांकि जानकारी बहुत स्पष्ट है कि आप यू.वी. कीटाणुनाशक विकिरण के साथ वायरस को मार या निष्क्रिय कर सकते हैं। अक्सर २६४-नैनोमीटर या ३६५-नैनोमीटर तरंग दैर्ध्य के विकिरण का उपयोग किया जाता है। हमें कोई प्रकाशित लेख नहीं मिला है जो कोविद – १९ को हटाने के लिए यू.वी. का उपयोग करने का सुझाव दे। लंबे समय तक यू.वी के इस्तेमाल से तस्वीरों और कागज को नुकसान पहुंच सकता है। हम आपको नयी जानकारी देते रहेंगे। मैं ये जानना चाहती हूं कि अगर मैं यू.वी. का उपयोग करती हूं तो मुझे कौन से बल्ब या लाइट की ज़रूरत होगी? मुझे कितने बल्ब की ज़रूरत होगी? और मुझे कितनी शक्ति वाले बल्ब चाहिए होंगे? और कितने समय के लिए चाहिए होंगी? और मुझे अभी तक इस तरह

की जानकारी नहीं मिली है।

आखिरी सवाल जिसके बारे में मैं बात करना चाहती हूं, मैं आपको ऐतिहासिक सामानों की सूची फिर से दिखाना चाहती हूं।

रुकिए, मुझे खोजने दीजिए।

तो संरक्षण के लिए, हम सबसे पहले नौ दिनों तक अलग छोड़ने की सलाह देते हैं। यदि आप इसे पूरी तरह से अलग नहीं रख सकते हैं, तो सफाई के लिए कोमल साबुन और पानी के घोल का उपयोग करें। और फिर आप रबिंग अल्कोहल, २-प्रोपेनोल, आइसोप्रोपिल अल्कोहल का उपयोग कर सकते हैं, वेसभी एक ही वस्तु के नाम हैं। ७०% एकाग्रता के घोल का इस्तमाल करें, लेकिन संवेदनशील सतह के लिए सावधानी बरते।

यहीं सब जानकारी हैं जिसके बारे में हम चाहते हैं कि आप जानें और हमें उम्मीद है कि यह समाधान काम करेंगे।

आपको सतहों की सफाई और कीटाणुरहित करते हुए कौन सी सावधानियां बरतने की आवश्यकता है?

सतहों को साफ और कीटाणुरहित करने के लिए सबसे पहले डिस्पोजेबल दस्ताने पहनें। सबसे अच्छे दस्ताने नाइट्राइल दस्ताने हैं। वे नीले रंग के होते हैं। हर सफाई के बाद दस्ताने को फेंक दें। इन्हें अभी ढूंढना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि इनका इस्तेमाल अस्पतालों में किया जा रहा है और आप जानते हैं कि लोगों का जीवन सांस्कृतिक विरासत से अधिक महत्वपूर्ण है। जब समय सही हो अपने दस्ताने खरीदें, और हर बार सफाई के लिए इनका उपयोग करें और उपयोग के बाद फेंक दें।

अन्य व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण आपको इस्तेमाल करने होंगे वह है सुरक्षा चश्मे। आपके रोजमर्रा के चश्मे पर्याप्त नहीं हैं, आपको कुछ ऐसा चाहिए जो आपके चेहरे पर ठीक बैठे।

यदि आप राष्ट्रीय उद्यान पर्यटन केंद्र, संग्रहालय या सरकारी सेवा प्रशासन भवन की सफाई के लिए जिम्मेदार हैं, तो शायद आप को ठेकेदारों की मदद लेनी पड़ सकती हैं। आपको उन्हें बाहरी

सुरक्षा के लिए कपड़े, चश्मे या सुरक्षा ढाल, सर्जिकल दस्ताने और यदि संभव हो तो N95 फिल्टर मास्क देने की आवश्यकता होगी। आज, मेरे पास आपके लिए यह जानकारी है।

जैसा कि मैंने पहले कहा था कि यह रिकॉर्ड किया जाएगा और हमारी प्रस्तुति हमारी वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगी। हमारी वेबसाइट है – www.ncptt.nps.gov.

मैं कुछ लोगों को धन्यवाद देना चाहती हूँ जिन्होंने मुझे इस जानकारी को साझा करने में मदद की। सबसे पहले हमारी शोध सहयोगी वृंदा जरीवाला ने इस पर बहुत काम किया। राष्ट्रीय उद्यान सेवा के ब्रायन बेंडर और मार्गरेट ब्रेकेर से भी हमे जानकारी मिली। और हम हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाल सूक्ष्मजीवविज्ञानी राल्फ मिशेल को धन्यवाद देना चाहते हैं।

मुझे उम्मीद है कि इस प्रस्तुति से आपको विषय के बारे में कुछ जानकारी मिली। यदि आपके पास प्रश्न हैं, तो उन्हें यहां टिप्पणियों में डालने में संकोच न करें और हम आशा करते हैं कि यह आपके लिए उपयोगी होगी ।

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